उप पुलिस अधीक्षक विजय भदौरिया के ग़ज़ल संग्रह *एक सौ सोलह चाँद की राते* का विमोचन
भोपाल: हिन्दी की कविता हो या उर्दू की शायरी दोनों ही समाज के लिए दिग्दर्शन का कार्य करती है.. उप पुलिस अधीक्षक विजय भदौरिया की *एक सौ सोलह चाँद की राते* ग़ज़ल संग्रह के विमोचन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने वक्तव्य में यह बात कही....
श्री तोमर ने कहा कि मनुष्य जन्म तो हाड़मांस के पुतले के रूप में लेता लेकिन उसके अन्तःकरण की साधना, विचारशीलता, से विजय भदौरिया जेसे लेखक, शायर समाज को मिलते है..इस विमोचन समारोह में चंबल के पुलिस अधिकारी का एक अलग जुदा कवि ह्रदय मेरे सामने आया जिससे में पूरी तरह बेखबर था...
प्रदेश की राजधानी भोपाल के दुष्यंत संग्रहालय में आयोजित इस समारोह में मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस शमीम अहमद, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली और पूर्व सूचना आयुक्त राहुल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए..
*एक सौ सोलह चाँद की राते* ग़ज़ल संग्रह पर प्रकाश डालते हुए मशहूर लेखक,पत्रकार और शायर शेफाली पांडे ने कहा कि इस पुस्तक में चंबल के एक पुलिस अधिकारी का कवि ह्रदय दिखता है जिसने अपनी लेखनी में अपने महबूब में चाँद के साथ सूरज को जगह दी है..
पुस्तक विमोचन के उपरांत
एक अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन रखा गया था जिसमें देश के प्रख्यात, नामचीन शायर शकील आज़मी,अबरार काश़िफ,तनवीर ग़ाज़ी, मंजर भोपाली,अहमद निसार,अभिषेक स्वामी,रोशन मनीष,हिमांशी बाबरा,शबाना शबनम,सूफियान काज़ी मेहताब आलम,शेफाली पान्डेय,शहनवाज असामी असग़र इंदौरी ने शिरकत की..
यह मुशायरा शाम सात बजे से देर रात तक तक रौशन रहा। आयोजन का संचालन मशहूर शायर और लेखक मेहताब आलम ने किया ...








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