*भारत की आज़ादी में माताओं ने अपने पुत्रों की आहुति दी: शिवम ग्वाल*



              *मीनाक्षी बस्ती में हिंदू सम्मेलन आयोजित*

भोपाल (प्रवीण चित्रांश) हिंदू समाज आत्म विस्मृत और स्वकेंद्रित हो गया है जिसको एकत्रित करने की आवश्यकता है, भारत कभी गुलाम नहीं रहा पराधीन रहा हैं, अंग्रेजों की पराधीनता के दौरान भारत के अन्य गणराज्यों में लगातर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष चल रहा था, भारत माता की आजादी के लिए इस देश की माताओं ने अपने पुत्रों के प्राणों की आहुति दी है इसलिए रोमन और यूनान जेसी सभ्यताओं के नष्ट होने के बाद हस्ती मिटती नहीं है हमारी...संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत सकल हिन्दू समाज द्वारा राजधानी भोपाल की मीनाक्षी बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए उक्त वक्तव्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक शिवम ग्वाल जी ने कहे..

शिवम जी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति बचेगी तब ही विश्व बचेगा क्यों कि *वसुदेव कुटुम्ब* समूचे  विश्व के कल्याण की कामना  सनातन का मूल मंत्र हैं....

शिवम जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा में पूज्य बापू की हत्या का आरोप लगना, आपातकाल में स्वंय सेवकों पर अत्याचार होना,बाबरी ढांचा गिरने पर स्वंय सेवकों को प्रताड़ित किया जाना अनेकों कठिनाइयों का सामना करते हुए संघ की यात्रा यहां तक पहुंची है...अब हिंदू समाज की जवाबदेही तय होनी चाहिए कि हम एक हो और हमे कोई तोड़ने का प्रयास भी नहीं कर पाए इसके लिए सकल हिन्दू समाज को आगे आना होगा..

सम्मेलन में श्री मति शांति टेमरे ने पंच परिवर्तन के पांच विषय:

01.स्वदेशी जीवन शैली के अंतर्गत अपनी भाषा, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की बात कही, 

02.सामाजिक समरसता के साथ जाति-भेद भूलकर समाज में सद्भाव और समानता स्थापित करने पर जोर दिया...

03. कुटुंब प्रबोधन यानी हमारे पारिवारिक मूल्य के विषय पर कहा कि संयुक्त परिवार परंपरा को बचाना और बच्चों में संस्कार डालना आवश्यक हैं..

04.नागरिक कर्तव्य के चलते नागरिक अनुशासन, कानून का पालन करना और जिम्मेदार नागरिक बनना होगा..

05. पर्यावरण संरक्षण को सर्वोपरि रखकर जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवन, और अधिक से अधिक पेड़ लगाना के लिए सम्मेलन में उपस्थित लोगों को प्रेरित किया..

सम्मेलन को साध्वी पूनम जी, आचार्य जितेन्द्र भार्गव जी ने भी संबोधित किया..सम्मेलन का सफल संचालन हिमांशु पटेल जी ने किया आभार प्रदर्शन सम्मेलन के संयोजक वाई पी सिंह जी ने किया..

साँस्कृतिक आयोजन में सम्मेलन की सह संयोजक नेहा सक्सेना और रॉक पी डी स्टार के पंकज परमार देवेन्द्र परमार का विशेष भूमिका रहीं..




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